शाहरुख खान को गुस्सा क्यों आता है?

 

परसों से हर जगह एक ही खबर है कि शाहरुख ने वानखेड़े स्टेडियम में झगड़ा किया| शाहरुख के वानखेड़े में घुसने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है| ये खबर मैंने इतनी बार पढ़ ली है कि अब मैं सोचने लगा हूँ कि आखिर शाहरुख खान को गुस्सा क्यों आता है? मैंने सोचा कि क्यों न इस सवाल का जवाब कुछ ज्ञानी लोगो से पूछूं? तो सुनिए जवाब उन ज्ञानी लोगो के| 

लेकिन जब तक मैं इन ज्ञानी लोगों से बात करता पीछे से कोई नेता चिल्लाने लगा – शाहरुख से हुए झगडे में सांप्रदायिक ताकतों का हाथ है| इसमें RSS का हाथ है, इसमें रामदेव का हाथ है, इसमें अन्ना का हाथ है| वो गार्ड दलवी RSS का स्वयंसेवक है, मेरे पास उसकी निक्कर में फोटो है| मैंने उस नेता की बात अनसुनी कर दी जैसे सोनिया जी मन्नू जी की बातें अनसुनी कर देती है| वैसे भी आजकल इन नेता जी की बात कोई नहीं सुनता| उस नेता का नाम बताने की जरूरत तो नहीं? आप समझदार है और समझदार को इशारा काफी है|

तो नेता को किनारे करके मैंने सोचा कि इस बात का जवाब लेटेस्ट बाबा श्री निर्मल बाबा से पूछूँ कि आखिर शाहरुख को गुस्सा क्यों आता है? निर्मल बाबा से जब ये सवाल मैंने पूछा तो उलटे उन्होंने ही मुझसे पूछ डाला, सलमान की फिल्मे देखते हो? मैंने कहा – जी बाबा| निर्मल बाबा बोले मत देखा करो| मैंने पूछा लेकिन बाबा झगड़ा तो उसने गार्ड से किया था, और ये बताइये बाबा कि शाहरुख का गुस्सा शांत करने का उपाय क्या है? निर्मल बाबा बोले – शाहरुख को कहो कि वो जब भी स्टेडियम में जाये तब हरी चटनी खाके जाये और चटनी खाने के बाद कुल्ला न करे| फिर उसे गुस्सा नहीं आएगा|

अब चटनी खाने से गुस्सा क्यों नहीं आएगा ये तो बाबा और उनके अंधे भक्त ही बता सकते है पर मेरा सवाल तो ये था कि आखिर शाहरुख को गुस्सा क्यों आता है?

बाबा से संतुष्ट नहीं हुए तो हमने ये सवाल जैकी श्राफ से पूछ लिया| त्रिमूर्ति नाम की फ्लॉप फिल्म में वे शाहरुख के बड़े भाई बने थे| मैंने सोचा कि स्क्रीन भाई से ज्यादा अच्छा इसका जवाब कौन बता सकता है और पूछ डाला – जग्गू दादा आखिर शाहरुख खान को गुस्सा क्यों आता है?

जग्गू दादा उर्फ जैकी जी ने कहा – देखो बढती उम्र में ऐसा होता ही है| पहले मैं भी बड़ा परेशान रहता था, कही काम नहीं मिल रहा था, लोगों पर गुस्सा आता था, सबसे झगड़ा करता था| हाथ पैर कमर में दर्द रहता था| फिर मुझे मिला टेली ब्रांड का संधि सुधा| जबसे मैंने संधि सुधा को अपनाया है मेरा कमर और जोड़ो का दर्द कम हो गया है, मैं फिर से जवान दिखने लगा हूँ, मुझे काम भी मिलने लगा है| सच में ये संधि सुधा बहुत असरदार है|  अगर शाहरुख चाहे तो मैं उसे ये संधि सुधा पर 25% छूट दिलवा सकता हूँ और साथ में शिपिंग फ्री| उसे बोलो कि अभी कॉल करे 18003**6** नम्बर पर| मैंने कहा – जग्गू दादा आप देर रात को टेलीशौपिंग प्रोग्राम में ही अच्छे लगते हो| मुझे जाने दो वर्ना अब संधि सुधा मुझे ही बेच दोगे|

जग्गू दादा से बात न बनी तो ख्याल आया फिल्म इंडस्ट्री के स्वयम्भू प्रवक्ता महेश भट्ट का| अब उनसे बेहतर जवाब फिल्म इंडस्ट्री के लोगो पर कौन दे सकता है इसीलिए मैंने यही सवाल उनपर भी दाग दिया – भट्ट साहब शाहरुख खान को गुस्सा क्यों आता है? भट्ट साहब ने कहा – देखिये शाहरुख बहुत अच्छे अभिनेता है, नेक इंसान है लेकिन हैं तो इंसान ही, आजकल वो थोड़े फ्रस्ट्रेट हो गए है| दरअसल मेरे को और इमरान हाश्मी को देखकर शाहरुख में फ्रस्ट्रेशन आने लगी है| मैंने आश्चर्यचकित रह गया, कहा लेकिन भट्ट साहब शाहरुख खान इमरान हाश्मी को देख कर फ्रस्ट्रेट हो जाये, कैसी बात कर रहे है आप? भट्ट साहब ने कहा – देखो दरअसल बात ये है कि मैंने और इमरान ने जन्नत 2 भी बना ली , पर शाहरुख बिचारे ने सिर्फ मन्नत बनायीं, अभी तक मन्नत 2 नहीं बना पाया| शाहरुख जन्नत और मन्नत की वजह से फ्रस्ट्रेट है|

मेरा दिमाग भन्ना गया| भट्ट साहब अपनी फेंकने के लिए कुछ भी लोजिक दे देते है| ये भी दूसरे निर्मल बाबा बन सकते है|

एक और होनहार व्यक्ति का नाम ध्यान में आया जो इसका जवाब दे सकते थे तो इसलिए मैंने तुरंत एक्टर कालिंग एक्टर के जावेद एक्टर साहब को फोन लगा दिया और और पूछा कि जावेद साब आखिर शाहरुख को गुस्सा क्यों आया? जावेद साहब बोले कि देखो बेटा वो जो गार्ड था दलवी उसके तलफ्फुज साफ़ नहीं है बेटा,… उसके तल्लफुज साफ़ नहीं है| मैंने कहा पर जावेद साहब उसके तल्फुज्ज़ का मेरे सवाल से क्या कनेक्शन? जावेद साहब बोले – देखो बेटा इसमें दो राय नहीं है कि इसका तुम्हारे सवाल से कोई कनेक्शन नहीं, लेकिन वो गार्ड दलवी ख़ान (my name is khan) को खान बोले इस पर ख़ान को गुस्सा आये, ये तो लाज़मी है, बाकि अब फोन जल्दी से रखो क्योकि काल वेटिंग में आज़मी है|

 इन सब की बातें सुन के मुझे लगा कि ये फिल्मी लोग जवाब नहीं दे पा रहे है| क्यों न किसी क्रिकेटर से पूछा जाये और दादा गांगुली से बेहतर कौन होगा इसके जवाब के लिए| मैं दादा गांगुली से पूछा – दादा आखिर शाहरुख को गुस्सा क्यों आता है? दादा बोले गुस्सा तो आएगा ही, शाहरुख कोलकाता का टीम बनाया और हमारा मोमता दी (ममता दी) मुबई टीम का शोचिन (सचिन) को रोशोगुल्ला (रसगुल्ला) भर के दिया| अब शाहरुख गुस्सा नहीं कोरेगा तो क्या कोरेगा?

हे प्रभु, दादा ने भी घुमा दिया| अब मुझे समझ आया कि मैं गलत लोगो से सवाल पूछ रहा हूँ| सवाल उस से पूछा जाये जिससे शाहरुख का झगड़ा हुआ| तो हम पहुँच गए वानखेड़े स्टेडियम और गार्ड (दलवी) से पूछा कि भाई सच सच बताओ कि आखिर शाहरुख को गुस्सा क्यों आया? सुना है शाहरुख ने तुमसे शराब के नशे में झगड़ा किया था| दलवी बोला – साहब वो पियेला जरूर था पर उसको दारू चढेला नहीं था| मैं बोला – तुम्हे कैसे पता कि उसको चढ़ी नहीं थी| दलवी बोला – साहब मैं देखा शाहरुख को पीते| वो मलाया की कंपनी का शराब पी रेला था| अब जिस कंपनी का हवाई जहाज ही ऊपर नहीं चढ़ता तो दारू क्या खाक चढेगी| मैंने पूछा तो फिर हुआ क्या कि शाहरुख ने तुमसे इतना झगड़ा किया? दलवी ने जवाब दिया – साब कुछ नहीं हुआ, मैं तो शाहरुख साहब से इतना ही पूछा था कि साहब रा.वन की कितनी टिकट बिकी थी?

 

शाहरुख खान को गुस्सा क्यों आता है?

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