February 23, 2010 | In: My Take
मियां बीवी और शतरंज का खेल
Written by Naveen Choudhary on February 23, 2010 – 8:22 am -मियां बीवी और शतरंज का खेल
ये लेख मेरे शादीशुदा दोस्तों की आत्मकथा है और अनब्याहे दोस्तों के लिए टिप्स. बहुत से दोस्तों से बात करके और कुछ अपने अनुभव से एक चीज समझ में आई की मियां बीवी के रिश्ते में ताउम्र एक शतरंज का खेल चलता रहता है.
आप शतरंज का खेल जानते है न. जो नहीं जानते उन्हें बता दू सारा खेल शह और मात के लिए होता है. एक राजा होता है जो हमारे राष्ट्रपति की तरह होता है. नाम का मुखिया पर एक कदम से ज्यादा चल नहीं सकता. पति उसी राजा की तरह है, राष्ट्रपति में पति इसीलिए लगाया गया है. दूसरा होता है वजीर जो सबसे ताकतवर होता है किधर भी चल सकता है. बिलकुल बीवी की तरह. एक होता है घोड़ा जो ढाई घर चलता है उसे मारना थोडा कठिन होता है इसलिए उससे बचा ही जाये तो बेहतर.
मिया बीवी अपने प्यार भरे रिश्ते में अक्सर एक दुसरे को वजीर राजा घोड़ा इस्तेमाल करते हुए शह मात देते रहते है. मै अपने सभी दोस्तों के किस्सों को अपने ऊपर ही लेकर सुना रहा हू, वर्ना मेरे उन दोस्तों को घोड़े से ऐसी शह मिलेगी की बच नहीं पाएंगे.
चाल 1. हर पति बहुत खुश होता है जब उसकी बीवी मायके जाती है. ये एक शाश्वत सत्य है. यहाँ पर ध्यान रखने की बात है. आपकी बीवी कहेगी की मै 15 दिन के लिए मायके जा रही हू. यहाँ उसने चुपके से आपको शह दे दी है. आप अपनी खुशी को जाहिर न करे. मुह लटका कर कहिये 15 दिन.. मै कैसे रहूँगा तुम्हारे बिना. बस आपने अपने राजा को बचा लिया.
पर ध्यान रखना ओवर एक्टिंग मत करना वर्ना या तो अपना कार्यक्रम आगे खिसका देगी या ७ दिन में ही वापस आ जायेगी. इसलिए थोडा इमोशनल अत्याचार करे. कहिये मै कैसे रहूँगा पर तुम्हारी माँ का भी तो दिल करता होगा की मेरी बेटी कुछ दिन मेरे पास रहे, तुम्हे भी थोडा घर के काम से आराम मिलेगा. जाओ, पर याद रखना 15 दिन से एक दिन भी ज्यादा नहीं रहने दूँगा. हुजुर आपका काम हो गया. बीवी खुश होके मायके जायेगी और आज़ादी का पखवाडा (15 दिन) मनाएंगे.
चाल 2. अब देखिये बीवी आपको किस तरह से शह दे सकती है. संसार की सभी पत्नियों का प्रेम सबसे ज्यादा कपड़ो और गहनों के लिए होता है. साल के 3-4 प्रमुख त्यौहार पर तो आपको उन्हें कपडे/गहने दिलाने ही होंगे. ऐसा भगवत गीता में नहीं लिखा है पर आपको मानना तो पड़ेगा.
इन 4 मौको के अलावा वो आपसे बहुत प्यार से इन चीजों की मांग करेंगी और आप समझ भी नहीं पाएंगे की क्या करे? वो आपको आपकी माता जी और बहन के जन्मदिन और शादी की सालगिरह याद दिलाएंगी और कहेंगी की उनके लिए बहुत अच्छे कपडे खरीदने है और मै पसंद करुँगी. तुम्हारी तो पसंद ही खराब है (तभी तुम्हे पसंद किया, ये कह के आप अपना हिसाब बराबर करने की मत सोचना. गेम ओवर हो जायेगा) अब आपकी बीवी जब आपकी माँ या बहन के लिए कपडे ले रही होंगी तो बीच -2 में आपको बताती जाएँगी की उन्हें नीले रंग की साड़ी लेने का बहुत मन था. अब आप क्या करेंगे. ये थी घोड़े की ढाई घर की चाल. इससे बचने का कोई उपाय नहीं, अनसुना करके थोड़ी देर के लिए बच सकते है या अगली बार दिलाने का वादा करना होगा.
एक तरीका और है की आप कह दे मै माँ को गिफ्ट नहीं देना चाहता या कुछ सस्ता ले लेते है. पर इसे प्रयोग मत करना. बहुत महंगा पड़ेगा. सास बहु में चाहे कितने ही मतभेद हो यहाँ पर उनका प्यार बढ़ जायेगा और बहु सास को बता देगी की इनको मैंने इतना कहा की माँ के लिए गिफ्ट लो पर आपका बेटा माना ही नहीं. आपकी मात हो गयी. इसलिए बीवी की बात सुनिए.
चाल 3. हमेशा कुछ रोमांटिक गाने याद रखिये. अक्सर जब मेरी बीवी रूठती है तो मै काफी देर तक उसे मनाता नहीं. सिर्फ इसलिए की इसी बहाने थोड़ी देर चुप तो रहेगी. वो चुप रहती है पर फिर बर्तन आवाज़ करते है. जब आप उसके रूठने के काफी देर बाद उसे मनाने जायेंगे तो मार ही पड़ेगी. यहाँ पर बॉलीवुड के सारे गीतकारों के लिखे ये गाने आपके काम आयेंगे. थोडा सा मनाइये और फिर प्यार से एक गाना उसके पास जाके गा दीजिए. बस यहाँ आपने शह मात इकट्ठे कर दी. बीवी तुरंत मान जायेगी. ये एक ऐसी चाल है गृहस्थ रुपी शतरंज की जिसमे आप हमेशा जीतेंगे और बीवी आपकी चाल को जानते हुए भी हार जायेगी.
अभी के लिए इतना ही दोस्तों. इस शतरंज के खेल में और भी कई तरीके से शह लगती है और आपको बचना होता है. और दोस्तों से बात करके उनके अनुभव फिर लिखूंगा.
मेरे अनब्याहे दोस्तों डरना मत. शादी शुदा जिंदगी में इन्ही चीजों से मिठास आती है. शादी जरूर करना. ये वो लड्डू है जो खा के भी पछताए और बिन खाए भी. तो खा के स्वाद तो लेकर ही पछताए.
ज्यादा अनुभव वाले मित्र अपने अनुभव जरूर बताये.



4 Responses to मियां बीवी और शतरंज का खेल
Anurag Bhateja
February 23rd, 2010 at 1:05 pm
Miyan bhabhi ke comments jarur batana…
shweta
February 24th, 2010 at 4:08 am
Naveen agar Pushpa ne yeh pad liya to batana kitne dande pade ghar par?:D
Naveen Choudhary
February 24th, 2010 at 4:56 am
shweta wo mayke gayi hai, tabhi to likha. varna idea to bahut se tha ye wala mind me
Jitu
February 24th, 2010 at 11:39 pm
Naveenji… teen saal mein aap shatranj mein pukhtaaj ho gaye. Maan na padega.
Waise Pushpa ji ke mayke mein… interenet nahin hai kyaa?? Jo aap itne bindaas hoke likh rahe hain.
:D:D:D:D:D:D:D