भारत – पाक रिश्ते सुधारने का असली फॉर्मूला

 

भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सुधारने किस कोशिश हमारे नेता लोग न जाने कब से कर रहे है और ये रिश्ते हैं कि सुधरते ही नहीं, जैसे रिश्ते न हुए दिग्विजय सिंह हो गए| अरे भाई कैसे सुधरेंगे? सुधर गए तो दोनों देशो के नेताओं का क्या होगा? अमेरिका का क्या होगा? चीन का क्या होगा? टेट्रा घोटाले वालों का क्या होगा? शेखर गुप्ता का क्या होगा? टीवी चैनल वालों का क्या होगा?

 अभी ज़रदारी की यात्रा में उनके साथ उनके बेटे बिलावल भी आये थे| बिलावल पाकिस्तान के युवा नेता हैं और भावी राष्ट्राध्यक्ष के रूप में देखे जा रहे है| जी युवा नेता से आप गलत समझ गए, पाकिस्तान में हमारे युवराज की तरह युवा नेता 45 साल के नहीं होते| बिलावल सच में युवा हैं, और मात्र 24 साल के हैं और बातों से समझदार भी लगते है| ओह! उम्र के चक्कर में मैं असली मुद्दे से भटक गया| हाँ तो युवा नेता बिलावल ने ट्वीट किया की “हर पाकिस्तानी के दिल में थोडा सा हिंदुस्तान है और हर हिन्दुस्तानी के दिल में थोडा सा पाकिस्तान”| बिलकुल सही कहा बिलावल भाई, दरअसल यही फॉर्मूला है दोनों देशो के रिश्ते सुधारने का| पहले दोनों देशो के आम आदमी के दिल में इस थोड़े को ज्यादा करना होगा तब प्यार बढ़ेगा| और ये प्यार बढ़ेगा एक दुसरे के के दिलों में झाँकने से, एक दुसरे के दुःख दर्द समझने से, एक दुसरे की मदद करने से|

और इन सब चीजों को समझने के लिए मुद्दों को बदलना होगा| 65 साल से कश्मीर मुद्दा लेके बैठे हो, छोडो उसे और नए मुद्दे देखो, जिनपर दोनों देश की जनता एक दुसरे को समझ सके और दर्द बाँट सके, तब सुधरेंगे रिश्ते| अब आप कहोगे की भैया इतनी बकचोदी कर चुके हो तो मुद्दे भी तुम ही बता दो, बताओ अपना फॉर्मूला|

तो सुनिए, हर बार रिश्ते सुधारने के लिए दोनों देशो में बिजनेस की बात करते हैं यानि इधर का माल उधर, उधर का माल इधर, शुद्ध हिंदी में आदान प्रदान| इतने साल कोशिश कर ली इस आदान प्रदान से कुछ नहीं हुआ इसलिए अब नए फॉर्मूले अपनाइए| कुछ फॉर्मूले जो मेरे दिमाग में आते है उन पर अमल करके देखिये, कैसे रिश्ते सुधरते है दोनों देशों के| हिंदुस्तान ने हमेशा काफी कुछ किया है पाकिस्तान के लिए,  इसलिए इस बार जो फॉर्मूले बता रहा हूँ उस पर पाकिस्तान को अमल करना होगा| तो सुनिए जरदारी जी, बिलावल भाई आप भी:

1. क्रेश कोर्स: जरदारी जी सबसे पहला काम जो आप करें वो ये की हमारे नेताओं के लिए एक क्रेश कोर्स करवाए की कैसे मात्र 10% कमीशन में काम करे| मैं आपकी इस इमानदारी भरी बेईमानी का कायल हूँ| 10% दो और काम करवाओ| कोई बड़े घोटाले नहीं, कोई फालतू की चिक चिक नहीं| देश का पैसा देश में रहे| और हमारे नेताओं को देखो उनको समझ ही नहीं आता कितना खाए, 1000 करोड से नीचे की तो कोई बात ही नहीं करता| अगर आपने जरदारी जी इन नेताओ को अपनी तरह 10% पर ला दिया तो अल्लाह कसम हिंदुस्तान में आपके फेन सचिन तेंदुलकर से ज्यादा हो जायेंगे| आप आम हिन्दुस्तानी की पसंद बन जायेंगे|

2. हिना रब्बानी खार: आ!!!!ह… ओह, माफ़ी चाहता हूँ| थोड़े टाइम के लिए हिना रब्बानी खार को हमारी संसद में बैठने दो| इसके दो फायदे होंगे| पहला तो लोकसभा टीवी का कैमरा सही जगह फोकस कर पायेगा और आम आदमी लोकसभा की कार्यवाही देखने को उत्सुक होगा साथ ही अपने नेताओं की हरकतें देखेगा| दूसरा सबसे बड़ा फायदा, हमारी पार्लियामेंट में रौनक बनी रहेगी और हमारे नेताओ की अटेंडेंस पूरी रहेगी वर्ना तो ये सब गायब ही होते है| हमारे युवराज सुना है बड़े ठरकी हैं और अक्सर मौके पर संसद से गायब होते है, हो सकता है इसी बहाने कांग्रेसी संसद में भी उनके दर्शन कर सके|

3. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की अदला बदली : आप कहोगे की वाह बेटा, सब अपने फायदे की बात कर ली, इसमें तो सब तुम्हे मिला, हमें क्या मिला? तो इसे ध्यान से सुनो जरदारी जी, आपके लिए बहुत बड़े फायदे की बात है| एक चुटकुला सुना था जिसमें एक शराबी आदमी की बीवी ने एक बार शराब को चख कर देखा, और थूक दिया, कहा की छी कितनी कड़वी है? पति ने जवाब दिया – और तू समझती है की मैं रोज यहाँ ऐश करता हूँ| बस ऐसा ही आपके देश में है| आपके देशवालो को उस आदमी की बीवी की तरह लगता है की हम हिंदुस्तानियों के नेता बहुत अच्छे हैं और हम ऐश करते है| उन्हें हमारी शराब चखाओ और एहसास दिलाओ की वो कितने मजे में है| मुझे पता है की आपके देश में लोग आपकी बड़ी माँ बहिन करते है| कहते है की आप काबिल नहीं हो और देश का पैसा अपने ऊपर फूंकते हो| एक बार उन्हें हमारी राष्ट्रपति ले जाके दिखा दो| जब उन्हें पता लगेगा की हम हिंदुस्तानियों की राष्ट्रपति जो ठीक से चल भी नहीं पाती उसने भी सिर्फ अपने घूमने पर देश के 200 करोड से ज्यादा रुपये मात्र 4 साल में फूंक दिए| कसम खुदा की, अगर आपकी जनता आपको महान न कहने लगे तो बताना|

सिर्फ इतने पर मत रुकना, पाकिस्तान में लोग कहते हैं युसूफ रजा गिलानी आपकी हाथों की कठपुतली हैं| हमारे मन्नू जी को कुछ दिन वहाँ बिठाओ, आपके देशवासियो की कठपुतली की परिभाषा बदल जायेगी माँ कसम| जब आपका देश देखेगा आपका प्रधानमंत्री तो कम से कम बोलता भी है, हमने तो मूक बघिर बिठा रखा है| अगर पब्लिक ज्यादा चूं चपर करे तो धमका देना की मन्नू जी पाकिस्तान में ही पैदा हो हुए थे, उन्हें चुनाव लडवा के प्रधानमंत्री बना दूंगा| देखना, इसके बाद न तो कोई गिलानी के खिलाफ कुछ बोलेगा न ही ये कहेगा की हिंदुस्तान वाले कितने मजे में हैं| उन्हें लगेगा की हम सब तो एक ही हाल में हैं तो लंगड़े और अंधे की तरह दोस्ती बढ़ेगी और मिलकर काम होगा|

4. फिल्म और संगीत: यहाँ भी आपने हमारे साथ धोखा किया| ये बताओ वीना मलिक क्यों भेजी? हमने क्या बिगाड़ा था आपका? क्या पहले से ही राखी सावंत कम थी हमारे लिए? अब इसकी इलाज यही है की वीना को तो ले ही जाओ, साथ में हिमेश, उदय चोपड़ा को भी ले जाओ| आपने हमारे यहाँ आतिफ असलम भेजा, हमने इज्जत दी, अदनान सामी भेजा, उसे तो हमने रख ही लिया| आगे भी हम आपके कलाकारों को यूँ ही सम्मान देते रहेंगे पर प्लीज कुछ टाइम के लिए हमारे यहाँ से इन सब को ले जाओ|

अभी के लिए इतना ही ज़रदारी जी| बिलावल भाई, ज़रदारी जी ये सब करे न करे तुम जरूर करो, फिर हर हिन्दुस्तानी के दिल में बहुत सारा पाकिस्तान होगा और हर पाकिस्तानी के दिल बहुत सारा हिंदुस्तान|

जाते जाते एक बात और – इन सब बातों से ये मत समझना की हम हिन्दुस्तानी कश्मीर भूल जायेंगे| खीर मांगोगे खीर देंगे, कश्मीर मांगोगे चीर देंगे|

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