कसाब की फांसी की सच्चाई – डेंगू मच्छर की जुबानी

 

 

 डेंगू मच्छर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अभी अभी एक बयान जारी किया है और कहा है कि कसाब को फांसी की खबर सरकार ने कॉर्पोरेट कंपनियों के दबाव में फैला दी है जबकि सच ये है की कसाब फांसी से नहीं बल्कि डेंगू एसोसिएशन के एक देशभक्त मच्छर के काटने से मरा है| लेकिन डेंगू मच्छर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अपने बयान के समर्थन में निम्न तर्क दिए है|

–    उनका कहना है की गृह मंत्री के ये सब बयान फालतू हैं की कसाब देश का दुश्मन था इसलिए फांसी दी| दुशमन है ये मंत्री जी को आज पता लगा? पहले नहीं?

–    अफजल गुरु की दया याचिका पर महामहिम ने फैसला नहीं लिया अभी तक क्योंकि उससे पहले की काफी याचिकाएँ लंबित पड़ी है| फिर ऐसा क्या हुआ की कसाब की याचिका पर लाइन तोड़ कर काम किया?

–    अगर 5 नवम्बर को ही कसाब की याचिका ख़ारिज हो गयी तो उसकी खबर मीडिया को क्यों नहीं दी गयी, जबकि इस विषय पर सरकार की पहले काफी किरकिरी हो चुकी है|

–    अगर कोई बीमार होता है तो उसे फांसी नहीं दी जाती| कसाब को डेंगू से पीड़ित होने के बावजूद फांसी कैसे दे दी?

 

इन सब बातों को देखते हुए मेरा शक यकीन में बदलता है की कसाब हमारे डेंगू मच्छर एसोसिएशन के एक देशभक्त मच्छर के काटने से मरा है और इस मौत को फांसी में बदलने के लिए सरकार पर कॉर्पोरेट कंपनियों का दबाव है|

 

 आपने सुना ही होगा की कुछ समय पहले माइक्रोसॉफ्ट एक प्रोग्राम ला रहा था कसाब के नाम का जिसका टेगलाइन था की – never hangs.  लेकिन जैसे ही हमारे कार्यकर्ता ने कसाब को काटा उससे वो डेंगू के वाइरस से ग्रस्त हो कर क्रेश कर गया| इससे माइक्रोसॉफ़्ट के कसाब विंडोज प्रोग्राम को धक्का लगा की एक डेंगू वाइरस ने इस कसाब का काम तमाम कर दिया| बस तबसे माइक्रोसॉफ़्ट वाले हमसे दुश्मनी किये हुए है|

 

रही सही कसर हमारे देश की जनता ने हमारे कार्यकर्ता को हीरो बनाकर कर दी| यूँ तो कसाब को काटते ही हम पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगा दिया पर भारत की जनता ने हमारा साथ दिया| भारत की जनता ने हमें फेसबुक और ट्विट्टर पर हीरो बना दिया| कहा की जो काम सरकार को करना चाहिए वो हम कर रहे हैं|

 लोगों ने अपने घर में इस उम्मीद में अपने घर में  ऑल आउट और मच्छर भगाने वाली कोइल लगाना छोड़ दिया की जैसे हमने एक देशद्रोही को काटा वैसे ही कई उनके समर्थकों को भी काटेंगे| बस इसी चक्कर में इन कंपनियों की बिक्री कम हो गयी और इन्होने सरकार पर दबाव डाल कर कसाब को फांसी से मारा हुआ दिखला दिया ताकि हम डेंगू एसोसिअशन वालों को इस कारनामे की वाहवाही और न मिल सके और उनकी कंपनी का माल बिकता रहे|

 

हमने तय किया है की इस सब के बावजूद हम इस अन्याय के खिलाफ जंग जारी रखेंगे और जब भी मौका लगा किसी न किसी देशद्रोही को काट कर मौत के घाट उतरेंगे|

कसाब की फांसी की सच्चाई

Post navigation


One thought on “कसाब की फांसी की सच्चाई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *