February 9, 2011 | In: Affairs & Crushes
STD वाला प्यार
Written by Naveen Choudhary on February 9, 2011 – 6:59 am -STD वाला प्यार
कभी कभी लगता है की उपरवाले ने मेरी किस्मत में STD वाला प्यार ही लिखा हुआ है| मेरा इतिहास ही कुछ ऐसा है| लोकल में तो प्यार हो ही नहीं पाता| बहुत समय पहले जब मैं यूनिवर्सिटी में था तो एक सहपाठी छात्रा के साथ थोड़ी सी गुटर गू शुरू हुई| उससे गुटर गू शुरू ही तब हुई जब MA ख़त्म होने में 4-5 महीने रह गए थे| कुछ ही दिनों मेरी परीक्षा हो गयी और वो अपने घर हरयाणा चली गयी| कुछ दिनों तक बाते STD पर ही होती रही और फिर ब्रेक अप हो गया| कहानी विस्तार से फिर कभी सुनाऊंगा|
खैर जनाब वो चली गयी और कुछ दिनों में एक क्रश और एक दो छोटे मोटे अफेयर भी हुए| जिस दौरान ये अफेयर हुए मै MBA की तैयारी कर रहा था और कुछ ही दिनों में MBA करने मोदीनगर चला गया| फिर से मेरा लोकल वाला प्यार STD पर आ गया| उन दिनों मोबाइल पर इनकमिंग कॉल के भी पैसे लगा करते थे इसलिए हमारे पास एक ही तरीका था और वो था लैंडलाइन पर फ़ोन करने का| आप सबमे से जो भी मेरे जमाने के है या उससे भी पहले वाले आशिक है उन्हें पता ही होगा लैंडलाइन पर प्रेयसी से बात करने के लिए कितनी मेहनत करनी होती थी| पहले तो वो टाइम देखो जब उसके पापा और भाई घर पर न हो और फिर भी ये जरूरी नहीं था की फ़ोन वो ही उठाये| उसकी माँ या बहिन भी फ़ोन उठा सकती थी इसलिए आपको आवाज़ पहचानने में माहिर होना पड़ता था| कई बार आवाज़ के इस धोखे में लड़की की जगह उसकी माँ से भी मेरी बात हो गयी है|
इन सब समस्याओ से जूझने के बाद कुछ और भी दिक्कते थी| सबसे पहली दिक्कत थी की जब वो घर पर अकेली होती थी तो मै क्लास में होता था और फिर भी अगर मौका लगा कर फ़ोन कर भी लिया तो STD का बिल जान ले लेता था| उन दिनों में STD कॉल की भी रेट दिन और रात की अलग अलग होती थी| इन सब चक्करों में कुछ छूट गयी और कुछ की माँ जिनसे मेरी बात हो गयी थी उन्होंने ब्रेक अप करवा दिया|
हमें लगा की भाई अब तो प्यार लोकल में ही होना चाहिए| खैर जनाब MBA के 4 में 3 सेमेस्टर गुजरने पर एक बार फिर प्यार हुआ और वो भी लोकल, अपनी एक जूनियर से| 5-6 महीने सब ठीक रहा और उसके बाद हमारा कोर्स पूरा हुआ और मै नौकरी करने दिल्ली आ गया और वो मोदीनगर में ही रह गयी| फिर से मेरी किस्मत में STD वाला प्यार लौट आया| शुक्र है की मोबाइल फ़ोन की इनकमिंग कॉल तब तक फ्री हो चुकी थी लेकिन STD कॉल तो वही थी| इस तरह हमारा प्यार 1.5 साल तक STD वाला प्यार चलता रहा और वो भी अपना कोर्स पूरा करके दिल्ली आ गयी नौकरी के लिए| हमने कहा की चलो अब तो लोकल हो गया मेरा प्यार| पर हाय री किस्मत, हमें बंगलौर में एक अच्छी नौकरी मिल गयी| अब लोकल प्यार और नौकरी में से हमने नौकरी चुन ली और सोचा प्यार को STD पर ही परवान चढ़ाएंगे| पर कुछ समय के बाद ये सिलसिला भी टूट गया|
हमारे घर वालो ने हमारी शादी तय कर दी| जब हमारी शादी तय हुई तो मै बंगलोर और पुष्पा मैसूर में थी| हम दोनों ही आईटी इंडस्ट्री में काम कर रहे थे| घर वालो को लगा की चलो दोनों एक साथ बंगलौर में रह लेंगे और करियर भी वही बनायेंगे| हम भी खुश थे की चलो शादी होने के बाद तो हमारा प्यार लोकल ही हो जायेगा, लोकल क्यों CUG हो जायेगा| पर उपरवाले को शायद ये मंजूर न था|
जिस दिन हमारी शादी हुई उसके दो दिन बाद ही मुझे दैनिक भास्कर से जयपुर के लिए ऑफर आ गयी| घर पर रहना किसे अच्छा नहीं लगता| हमने तय किया की पुष्पा 2-3 महीने में अपनी नौकरी छोड़ कर जयपुर आ जाएँगी और मै जयपुर आ गया और इस तरह एक बार फिर STD वाला प्यार शुरू हुआ| किन्ही कारणों से ये 3 महीने का समय 7-8 महीने तक बढ़ गया और साथ ही STD का बिल भी|
आखिरकार पुष्पा जयपुर आ ही गयी| तब तक मै भास्कर छोड़ चूका था| साथ रहने का असर हुआ और डॉक्टर ने कुछ ही महीनो के बादगुड न्यूज़ सुना दी| अब लगने लगा था की ज़िन्दगी ट्रैक पर आ गयी है और हमारा प्यार फायनली लोकल हो गया है लेकिन किस्मत ने फिर पलटी मारी| दैनिक भास्कर ने मुझे फिर से ऑफर दिया और पोजीशन पहले से बेहतर दी| जैसे ही मैंने भास्कर ज्वाइन किया उन्होंने वादाखिलाफी करते हुए मुझे जयपुर की चंडीगढ़ ट्रान्सफर कर दिया| अब इस हालात में फिर से मेरा लोकल CUG प्यार STD में बदल गया क्योकि इस हालत में पुष्पा को चंडीगढ़ नहीं ले जाया जा सकता था|
आर्यादित्य के जन्म के बाद पुष्पा चंडीगढ़ आई और हमने अपने प्यार को STD से CUG में बदल दिया| अब देखिये जैसे ही पुष्पा ने चंडीगढ़ में नौकरी ज्वाइन की मुझे दिल्ली में फिर से अच्छा ऑफर मिल गया| अब पुष्पा अपना नोटिस पीरियड पूरा कर रही है चंडीगढ़ में और मै फिर से उसके इंतज़ार में STD फ़ोन लगाये बैठा हूँ|
आज पुष्पा का जन्मदिन है और कुछ दिनों में velantine day भी आने वाला है| आज भी मै पुष्पा के साथ नहीं और velantine डे पर भी नहीं रहूँगा| जन्मदिन की शुभकामनाये भी फ़ोन पर दी और velantine डे पर भी फ़ोन पर ही बात होगी| पुष्पा तुम्हारे जन्मदिन की शुभकामनाये STD पर ही स्वीकार करो और valentine day भी हम STD पर ही मनाएंगे| पुष्पा अब बहुत हुआ| अब तुम दिल्ली आ जाओ| मै कसम खाता हु की अब नौकरी बदलूँगा तो सिर्फ दिल्ली में| बचपन का मेरा प्यार मैंने STD में चला लिया पर तुम्हारे साथ मुझे CUG कनेक्शन में ही रहना है| अब और नहीं होगा STD वाला प्यार|



4 Responses to STD वाला प्यार
pushpa
February 9th, 2011 at 7:28 am
apne pukara aur ham chale aaye
naukri chor ke aaye re…….
Thank u so much for ur unique gift which u presented to me like this.
pushpa
February 9th, 2011 at 7:30 am
beutifully composed….
feel so proud to b ur wife
can just say one thing for ur wish “AAMEEN”
deepika khurana
February 9th, 2011 at 2:13 pm
kyaaa baaatt haiii sir jiiii chaaaa gaye …….very well written ………
kinna cute couple hai aap dono kaa…god blesss u YEARS OF TOGETHERNESS……..ALWAYZZ……..
prashant
April 21st, 2011 at 3:56 pm
wah bhai wah…..loved every bit of it.jiyo