ओसामा की मौत की सच्चाई

कल रात यूँ ही घुमते हुए मैंने CID टीम को देखा| बड़े उदास और बुझे हुए से थे| मैंने पूछा – क्या हुआ? ACP प्रद्युम्न गुस्सा हो गए और बोले जाओ , अभी कोई बात नहीं करनी| मैंने निवेदन किया ACP साहब क्या हुआ बता दीजिये, हम आपके बहुत बड़े फेन है शायद कुछ कर पाए|  सुनकर ACP प्रद्युम्न थोड़े शांत हुए और बोले जानते हो ओसामा कैसे मरा? मैंने कहा – हाँ जी, अमेरिकेन फौजियों ने मारा| बोले नहीं – यही तो तुम नहीं जानते नवीन| सुनो क्या हुआ|

 ओसामा की कहानी – CID ACP Pradyuman की जुबानी

3 दिन पहले ओबामा का फ़ोन आया| मैंने कहा – बोलो ओबामा कैसे याद आई? ओबामा कहने लगा – तुम्हारी मदद चाहिए| हमने अफगानिस्तान में इतने हमले कर लिए पर ओसामा का कही पता नहीं लग रहा| मैंने कहा – गलत जगह ढूंढ रहे हो, ओबामा, वो पकिस्तान में मिलेगा| ओबामा ने कहा मदद करो और ढूंढो उसे, क्योकि मुझे पाकिस्तानियों पर कोई भरोसा नहीं है|

मैंने अपनी टीम के साथ पाकिस्तान चला गया| अभिजीत ने बोला की सर ओसामा जहा भी होगा वो ऐसी जगह होगी जहाँ या तो कोई शक न करे या फिर हमला न करे| और हमने पकिस्त्तान के मस्जिद और फौजी ठिकानो के आसपास छानबीन शुरू की| दया को एक सब्जी वाले ने बताया की उसने ओसामा को एक लड़के साथ इस्लामाबाद से कुछ दूर देखा था| हमने उस लड़के को पकड़ा तो वो बोला की मैं तो अली ज़फर हु, और मेरे साथ ओसामा नहीं प्रद्युम्न था| सुनते ही दया ने एक तमाचा मारा अली ज़फर के और बोला – प्रद्युम्न सर यहाँ खड़े है| अली ज़फर – अरे ये वाले नहीं, वो प्रद्युम्न सिंह जो अभिषेक शर्मा की फिल्म तेरे बिन लादेन में ओसामा बना था| मैंने कहा – दया तुम हमेशा गलत सुराग लाते हो| फिर से पता करो, ये ओसामा कहा मिलेगा?

हमें इसी बीच पता चला की एक कूरियर वाला ओसामा का कूरियर एट्नाबाद में कही पहुचता है| बस हम भी वह पहुच कर छान बीन करने लगे| कुछ घरो में देखा, वो नहीं मिला| एक बहुत बड़ा घर था उसमे ताला लगा हुआ था| हमने चारो तरफ देखा पर घर में कोई नहीं था| हम वापस आ गए| मैंने कहा – अभिजीत हो न हो, ये ओसामा यही कही है क्योकि वो कूरियर वाला इसी इलाके में आया था और यही पास में पाकिस्तान मिलिटरी अकादेमी भी है| ओसामा के लिए इससे बढ़िया जगह कोई नहीं होगी| मैंने कहा – चलो एक बार फिर से देखते है| दया मुझे मन ही मन गालियाँ दे रहा था की बुड्ढा अब रात को भी दौरायेगा| पर क्या करता| हम फिर उस इलाके में पहुचे, और फिर उसी बंद मकान में पहुचे| फिर से कुछ नहीं था| वापस चलने लगे तो अभिजीत बोला – सर ये देखिये, यहाँ कुछ भी नहीं है| मैंने कहा – जब कुछ है ही नहीं, अभिजीत तो क्या देखू? अभिजीत बोला – सर जब हम सुबह यहाँ आये थे तो यहाँ कुछ पत्ते गिरे हुए थे और हमारे जूतों की मिटटी भी यहाँ थी, अब सब कुछ साफ़ है| मैंने कहा – अभिजीत यानि किसी ने इसे साफ़ किया है| दया बोला – साफ़ है तो किया ही होगा न, कौन सा नया तीर मार लिया आपने? अभिजीत – सर हो न हो, ओसामा अन्दर छुपा है और उसने बाहर से ताला लगा रखा है| तभी फ्रेडरिक दौड़ता हुआ आया बोला सर घर के पिछले हिस्से की खिड़की से धुँआ निकल रहा है| मैंने कहा – पक्का ओसामा यही है| दया दरवाज़ा तोड़ दो|

दया ने हमेशा की तरह दरवाज़ा तोड़ दिया, और अन्दर जाकर हम देखते है की ओसामा अपनी बीवी के साथ बैठा हुआ है| मैंने कहा – ओसामा तेरा खेल ख़त्म| तू अमेरिका से बच सकता है पर CID से नहीं| अभिजीत, ओबामा को फ़ोन करके कह दो, CID ने केस सोल्व कर दिया है| ओसामा ने हमें धमकी दी तो दया ने एक घुमा के मारा उसे| ओसामा ने पिस्तोल निकाल ली और उसके 2 आदमियों ने हमें घेर लिया| हमने उससे कहा की तू हमें मारने से पहले एक बार फ्रेडरिक का जोक सुन ले| फ्रेडरिक ने जैसे ही जोक सुनने शुरू किये, ओसामा के दोनों आदमी भाग निकले और ओसामा अपनी बीवी के पीछे छुप गया और बोला मुझे इसके चुटकुलों से बचा लो प्लीज|

तब तक अभिजीत के फ़ोन पर डॉक्टर सालुखे और डॉक्टर तारिका भी आ गए| उन्होंने ओसामा का DNA टेस्ट किया वही पर और कन्फर्म किया की ये ओसामा ही है| तब तक अमेरिका के सील वाले भी आ गए| मैंने उन्हें डॉक्टर सालुखे की बनायीं DNA रिपोर्ट दी और कहा लो कर लो ओसामा को गिरफ्तार| जैसे ही हम जाने को पलटे, अमेरिकन फौजियों ने ओसामा को गोली मार दी| मैंने कहा – गिरफ्तार क्यों नहीं किया, गोली क्यों मारी? वो बोले – ऊपर से आर्डर था|

मैंने ओबामा को फ़ोन करके पूछा की गोली क्यों मरी तो वो बोला की अगर हम उसे गिरफ्तार कर लेते तो अदालत में तुम्हारा एडवोकेट के.डी. उसे छुड़ा लेता और कहता इदर आई एम् राईट और आई एम् राईट| बस इसीलिए|

अब तुम्ही बताओ, ओसामा को ढूँढा हमने, दरवाज़ा तोडा दया ने, उसकी बन्दूक छुडवाई फ्रेडरिक ने, DNA टेस्ट किया डॉक्टर सालुखे ने और सारा क्रेडिट अमेरिका खुद ले गया| और तो और ओसामा की बीवी को भी अमेरिका ले गया| कम से कम उसे हमारे अभिजीत के लिए छोड़ देते, बिचारे का घर नहीं बसा, घर ही बसा लेता|

मैंने (नवीन) कहा की ACP साहब ये तो बहुत बुरा हुआ| ACP बोले – नवीन मैंने तुम्हे सब कुछ बताया है, वादा करो की तुम ये बात अपने ब्लॉग से सारी दुनिया को बताओगे| मैंने कहा जरूर|

तभी एक मच्छर ने मुझे काटा और मेरी नींद खुल गयी| मैंने देखा टीवी सोने से पहले बंद करना भूल गया और टीवी पर सोनी चैनल चल रहा है और उसमे विज्ञापन आ रहा था की अगले एपिसोड में देखिये कैसे CID और के.डी. मिलकर केस का खुलासा करते है| टीवी बंद किया और सो गया|

सुबह उठा तो सोचा क्या पता सच में दया ने ही दरवाज़ा तोडा हो, कौन सी बड़ी बात है| कम से कम मैं अपना वादा तो पूरा कर दू, ब्लॉग पर लिखकर, चाहे सपने का वादा ही सही|

ओसामा की मौत की सच्चाई

Post navigation


8 thoughts on “ओसामा की मौत की सच्चाई

  1. क्या बात है नवीन ……हम तो आपकी लेखनी के सामने नतमस्तक हो गए ….

  2. Hillarious….!!! Kool plot to discribe the strength of our CID… Kash PM Manmohan Singh hire them and all the cases about corruption will be solved in a half hour episode… and India becomes SONE KI CHIRIYA with the money they get back frm switzerland…. :)… Amin…

  3. naveen, it’s hillarious… khoob bhalo…carry on…write another part of pakistan’s part…waiting for that…. 😉

  4. Ha ha bs maja aa gaya.ab to mujhe v sak hone laga hai ki kahi hamari IB ya RAW ne hi to america ko osama ka pata nahi bata diya. . . .

  5. Wah maja aa gaya. . . ab to mujhe v sak hone laga hai ki kahi hamari IB ya RAW ne hi to america ko osama ka pata nahi bata diya. . . .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *