माँ

 

जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल होते है अपने बच्चे को हर रोज बढ़ता हुआ देखना| हर रोज उसकी हरकतों में एक इजाफा होते देखना| सबसे खुशी की बात ये है की आर्यादित्य अब फिर से मुझे पहचानने लगा है| अब मैं चंडीगढ़ वाले पापा से वापस परमानेन्ट पापा बन गया हू|

अब उसे मेरे साथ घूमने खेलने में ज्यादा मजा आता है| ठुमक ठुमक के चलता हुआ  गोद में आकर बाहर की तरफ इशारा करने लगता है| मै उसे बाहर ले जाने लगता हू तो अपनी माँ की तरफ देख के मुस्कुराने लगता है| वो उसे रुकने को कहती है तो किलकारियाँ मारते हुए अपने शरीर को गोद में ही आगे की तरफ धकेलने लगता है, जैसे कह रहा हो की भागो, माँ आ रही है|

शाम को मेरे घर वापस आने के बाद वो मेरे पास आ जाता है और उसकी माँ के बुलाने पर भी नहीं जाता, उलटे उसे खिझाने के अंदाज़ में हँसता है|

रोज सुबह का उसने नियम बना लिया है की उसे मेरे साथ बाहर कार तक जाना है, एक चक्कर लगाना है और वापस चले जाना है| मेरे नहा के आने बाद से वो मेरे आगे पीछे घूमना शुरू हो जाता है, जब मै कपडे पहन के तैयार हो जाता हू तो मेरे जूते उठा कर मेरे पास आ जायेगा| जैसे ही जूते पहनूंगा “टाटा टाटा” बोलना शुरू कर देगा| जब भी उसे बाहर जाने की इच्छा होती है तो हाथ हिला कर टाटा बोलना शुरू कर देता है| अब हमने भी खेलना शुरू कर दिया है उसके साथ. जब वो मेरी गोद में जाने लगता है तो उसकी माँ रोकती है वो खिलखिलाता हुआ आगे की तरफ मुझे धकेलता है|

एक दिन ऐसे ही ऑफिस जाते समय उसे ले जाने लगा तो उसकी माँ नहीं आई| वो झांकता रहा कमरे के अंदर, अपने अंदाज़ में उसने एक-दो बार आवाज़ भी दी पर माँ आई नहीं| जब हम बाहर निकले तो हर रोज जो उत्सुकता उसमे बाहर जाने की होती थी वो कुछ कम दिखी| बाहर जाकर कार में बैठते ही वो सबसे पहले गीयर को छेड़ता था, फिर म्यूजिक सिस्टम को, उसके बाद एक चक्कर के बाद जब माँ गोद में लेने को आती थी तो जाने को मना करता हुआ मेरे गोद में चढ जाता था| उस दिन ऐसा नहीं हुआ| वो चुपचाप गाड़ी में बैठ गया और खिडकी से बाहर झांकता रहा| चक्कर लगा के वापस आये तो उसकी माँ बाहर खड़ी थी उसे लेने को| उसे देखते ही ये उचक कर उसकी गोद में चला गया| वो हर रोज की नौटंकी जो वो गोद में नहीं जाने को करता था वो सब उस दिन गायब था| ऐसा हर उस दिन होता था जब उसकी माँ साथ में बाहर नहीं होती थी|

मैंने इसके बाद उसकी हरकतों को ध्यान से देखना शुरू किया| बहुत अचरज हुआ ये देख के की इतना छोटा बच्चा ये सब हरकते सिर्फ अपनी माँ के साथ खेलने के लिए करता था, मेरी गोद में आने के लिए नहीं| वो मेरी गोद में आकर तब ही बैठता या छुपता है जब उसकी माँ उसके साथ खेल रही हो या उसे बुला रही हो| वो मेरी गोद में आकर अपनी माँ को ठहाके मार कर चिढाता है| अगर उसकी माँ कुछ और कर रही है तो वो अपनी माँ के इर्द गिर्द ही घूमता रहता है, मेरे पास नहीं आता| अगर उसकी माँ उसे कुछ खिलाने को आती है तब वो दौड़ कर मेरी गोद में आकर छुप जाता है| अगर यही खाना कुछ चटपटा है तो ठीक है पर अगर दूध है या दाल रोटी है तो मेरे पास आकर छुपेगा और माँ को चिढाता रहेगा|

अब जब चलना सीखा है तो गिरता रहता है और चोट लगती है| अक्सर जब ये गिरता है तो मेरे आसपास ही होता है| मै इसे गोद में लेकर चुप करने की कोशिश करता हू पर ये कभी चुप नहीं होता, चाहे चोट थोड़ी लगी हो या ज्यादा| वो मुझे धकेलता है अपनी माँ की तरफ ले जाने को या खुद ही गोद से उतर कर रोता हुआ चला जाता है| और जैसे ही उसकी माँ उसे गोद में लेती है चाहे कितनी भी चोट लगी हो कुछ पल में चुप हो जाता है| पता नहीं माँ की गोद में जाते ही उसे कौन सा आराम मिलता है की सारे दर्द भूल जाता है|

जब से बच्चा जन्म लेता है, तब से उसके हर रोने पर सबसे पहले गोद में लेने वाले हाथ माँ के ही होते है| बचपन से वो उस स्पर्श को पहचानता है जो उसकी हर तकलीफ में उसे थाम कर भरोसा दिलाये होता है| शायद उस स्पर्श का असर हम पर ताउम्र रहती है, इसीलिए माँ के सिर्फ छू भर लेने से हम लोगो के सारे दर्द तकलीफे इस उम्र में भी गायब हो जाती है तो इतने से बच्चे के लिए तो सब कुछ वो माँ ही है, बाकि सब पराये| कही पढ़ा था की “if you remove M from mother, you will left only with other.”

शुरू में बुरा लगा जब देखा की वो सारे खेल सिर्फ अपनी माँ को खुश करने के लिए करता है, पर फिर अच्छा लगा की माँ ने जितनी तकलीफे अपने बच्चे के लिए उठाई होती है उसके बदले में वो अपनी हरकतों से अपनी माँ को हँसाता रहता है| 17 महीने की उम्र में जो ये समझ है उसकी, इश्वर से प्रार्थना करता हू की ऐसी ही भावना उसकी अपनी माँ के लिए हमेशा रहे|

माँ

Post navigation


One thought on “माँ

  1. as alwayz very well xpressed, speechless…aaj yeh parkar apna bachpan b yaad aaya or muskurahat apne aap hi aa gayi …..maa aakhir maa hi hoti hai…..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *